
सुबह की रोशनी मास्टर बेडरूम की खिड़की से अंदर आ रही थी।
मिशिका की आँखें धीरे-धीरे खुलीं। पाँचों भाई अभी भी उसके चारों तरफ सोए हुए थे, लेकिन उसका शरीर फिर से गर्म हो रहा था। अंदर वाली खालीपन की याद फिर ताज़ा हो गई। वह धीरे से उठी, बालों को पीछे किया और बाथरूम की तरफ चली गई।









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