
मिशिका ने डाइनिंग टेबल पर पाँचों भाइयों को बैठा दिया था। रेड साड़ी में उसकी काया इतनी आकर्षक लग रही थी कि राजवीर, आर्यनवीर, रणवीर, जयवीर और यशवीर की निगाहें बार-बार उसी पर अटक रही थीं। मिशिका मुस्कुराते हुए किचन से गर्म-गर्म व्यंजन लेकर आई। उसने खुद अपने हाथों से हर भाई की प्लेट में खाना परोसा।
“राजवीर… मुँह खोलो,” मिशिका ने प्यार से राजवीर के होठों के पास नान का एक टुकड़ा पकड़ा। राजवीर ने मुँह खोला। मिशिका की उंगलियाँ उसके होठों से छू गईं। राजवीर ने हल्के से उन उंगलियों को चूस लिया। मिशिका की साँस तेज हो गई।









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