
Mishikaa ने अपनी आँखें बंद कर ली थीं। कमरे में सिर्फ उनकी साँसों की हल्की आवाज़ और बाहर से आने वाली मंद हवा की सरसराहट थी। रणवीर ने धीरे से उसके बंद पलकों की तरफ देखा। उसकी उँगलियाँ मिशिका के गाल पर फिसलीं, फिर वह झुका और एक-एक करके दोनों आँखों पर नरम चुंबन लगाए। होंठों का स्पर्श इतना हल्का था कि मिशिका की साँस थोड़ी तेज़ हो गई।
“प्लीज़ कॉर्पोरेट करो,” रणवीर ने फुसफुसाते हुए कहा, आवाज़ में गहरी गर्मजोशी थी। “मैं बिल्कुल भी तुम्हें दर्द नहीं पहुँचाऊँगा।” यह कहते हुए उसने मिशिका के कान की लौ पर हल्के दाँत गड़ाए, फिर जीभ की नोक से वहाँ चाटा। मिशिका की हल्की आह निकली। उसकी आँखें बंद ही रहीं, लेकिन शरीर में एक हलचल सी हो गई।









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