
रणवीर अपनी छोटी बेड से उतरकर बिस्तर के पास आ गया। उसके हाथ में वह पुरानी गुड़िया थी।
वह नयनतारा के पास बैठ गया और गुड़िया को उसके गाल से लगाने लगा। “डाल सो रही है… डाल थक गई… रणवीर डाल को सहलाएगा…” वह बच्चों वाली नरम आवाज़ में बोल रहा था। फिर उसने नयनतारा के बाल बहुत धीरे से सहलाए। “डाल अच्छी है… डाल प्यारी है… रणवीर की डाल…”









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