यशोदा राव अपने मन में बोली, “यह सो चुकी है और मुझे कुछ ना कुछ करके नैना को इस घर से निकालकर ही रहूँगी क्योंकि एक ऐसी लड़की को वह कभी भी स्वीकार नहीं कर सकती हूँ जिसकी वजह से उनकी इज्जत खराब हुई।”
वहाँ कहीं ना कहीं वह पाँचों ब्रदर्स किसी भी तरह से नैना के दर्द को कम करने के बारे में सोच रहे थे, वहीं आर्यनवीर के दिल में एक बार फिर मिशिका के लिए नफरत और नैना के लिए प्यार उभरने लगा था।









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