
नयनतारा वैराग्य के सीने पर गिर पड़ी। साँसें उखड़ी हुई। पूरा शरीर पानी और वीर्य से चमक रहा था। योनि से अभी भी सफेद धार रिस रही थी। स्तनों पर दांतों के ताज़े निशान। गांड लाल। जाँघें काँप रही थीं।
वैराग्य ने उसके बाल सहलाते हुए धीरे से कहा, “अब आराम करो… लेकिन आज रात फिर से शुरू होगा।”









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