
राठौर मेंशन का आलीशान गेट जैसे ही पीछे छूटा, जानवी को लगा कि वह एक चक्रव्यूह से निकलकर दूसरे में आ फँसी है। कर्ण की चमचमाती ब्लैक मर्सिडीज हाईवे पर बेहद तेज रफ्तार से दौड़ रही थी। कार के अंदर सिर्फ दो ही लोग थे—कर्ण खुद ड्राइव कर रहा था, और जानवी उसके ठीक बगल वाली सीट पर बैठी थी।
आज धूप तेज थी, लेकिन कार के अंदर का माहौल बेहद ठंडा और तनावपूर्ण था। कर्ण ने ब्लैक सनग्लासेस पहन रखे थे, उसकी कसी हुई उंगलियां स्टीयरिंग व्हील पर जमी थीं। उसका शांत चेहरा किसी बड़ी आंधी के आने का संकेत दे रहा था।









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