
सुबह की पहली किरण जब राठौर मेंशन की बड़ी-बड़ी खिड़कियों से छनकर अंदर आई, तो जानवी की आँखें खुलीं। रात भर की उथल-पुथल के बाद उसकी नींद पूरी नहीं हुई थी, लेकिन दिल में एक तसल्ली थी कि उसके पिता अब सुरक्षित थे। उसने अलमारी से एक खूबसूरत पेस्टल पिंक कलर की शिफॉन साड़ी निकाली।
हल्के मेकअप और खुले बालों के साथ जब उसने आईने में खुद को देखा, तो उसकी सादगी ही उसकी सबसे बड़ी ताकत लग रही थी।












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