
आदित्य के माथे की नस पूरी उभर चुकी थी।आदित्य हद से ज्यादा गुस्से में था,अंजलि अपना थूक भटकते हुए बोली,यह पागल इंसान क्या करने वाला है मेरे साथ?
आदित्य ने गुस्से से कर एक विला के बाहर रोक अंजलि हैरानी से बोली यह किसका घर है आदित्य गुस्से से अंजलि का हाथ खींचते हुए अंदर ले जाते हुए बोला यह मेरा घर है यह सुनकर अंजलि हैरानी से बोली पर तुम मुझे अपने घर में क्यों लेकर आए हो।











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