
विवान के काल कट जाने के बाद सिया का पूरा शरीर काफ रहा था उसे कुछ समझ नहीं आता था कि वह अब क्या करे और अपने पापा ओर छोटी सिस्टर को क्या बोलकर घर से जल्दी भेजेंगी ये सोचते हुए वह किचन के आ गई और नाश्ते में पोहा बनाने लगी अचानक से Ramesh jee जल्दी जल्दी नीचे आ रहे थे यह देखकर सिया ने कहा पापा आप इतनी मॉर्निंग में कहा जा रहे हो रमेश जी ने कहा कि बेटा दुकान पर साड़ियों की बहुत बड़ी ऑडर आ है सारे ऑडर आज रात तक कंप्लीट होने पर जिसने ऑर्डर दिया है।
वह 50% ज्यादा दाम देगा ये सुनकर सिया को थोड़ी।हैरानी तो हुई पर वह अपने पापा के लिए खुश थी कि आज कितनो महीनों बाद पापा की दुकान में इतनी बड़ी ऑर्डर मिला है रमेश जी ने थोड़ा सा जी पोहा खाया और चले गए जैसे ही सिया ने सोच सिया ने सोचा कि अब जाकर वानी को उठा देती हूं बनी के 10:00 से क्लासेस है उसे कॉलेज जाना है जैसे ही सिया से ही पर चल रही थी।











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